रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। विष्णुदेव साय सरकार का तीसरा बज...
रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। विष्णुदेव साय सरकार का तीसरा बजट 1.72 लाख करोड़ रुपये का पेश किया गया। यह बजट ‘संकल्प’ थीम पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास एवं अवसंरचना को तेज करना और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। वर्ष 2023 में सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट है।
सरकार का पहला बजट 'ज्ञान', पिछले साल यह ‘गति’ पर केंद्रित था। बजट पेश करते हुए चौधरी ने कहा कि इस साल का बजट ‘संकल्प’ – समावेशी विकास, अवसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, जीवनयापन और नीति से परिणाम तक, पर केंद्रित है जिसका मकसद राज्य के विकास के सफर को तेज करना है।
महिलाओ के लिए कौन-कौन सी घोषणाएं
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार राज्य में रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 साल की उम्र पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। महतारी वंदन योदना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर, उद्ममी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार ने इस साल महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का फैसला लिया है। लखपति दीदी को बढ़ाने के लिए 5 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
कृषक उन्नति योजना
बजट में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य खेती में आधुनिक तकनीक, बेहतर इनपुट और उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है।
खाद्यान के लिए बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अतंर्गत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए 6,500 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को चावल, चना, शक्कर और नमक उपलब्ध कराना है।
ऊर्जा सब्सिडी
बजट में 5 एचपी तक के कृषि पंपों वाले किसानों को मुफ्त बिजली हेतु 5,500 करोड़, एकल बत्ती कनेक्शन वाले परिवारों को मुफ्त बिजली हेतु 354 करोड़ तथा घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक आधा बिजली बिल हेतु 800 करोड़ सहित कुल 6,700 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
बस्तर एवं सरगुजा पर फोकस
बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक्स हेतु 10 करोड़
जगदलपुर एवं अंबिकापुर से हवाई सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के लिए 10 करोड़
छत्तीसगढ़ होम स्टे के पॉलिसी लिए 10 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु बड़ी घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पीएम जनमन योजना के अतंर्गत विशेष पिछडे़ जनजातीय समूहों के विकास के लिए 720 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना
आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र छात्राओं को पढ़ाई के लिए आवासीय सुविधा हेतु की घोषणा की गई है। इसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राज्य के अंदर प्रमुख ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों के भ्रमण के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृ़द्ध परम्पराओं एवं सांस्कृतिक रीति-रिवाजों का ज्ञान करवाने के लिए 5 करोड़ का प्रावधान है। अबूझमाड़ आरै जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
प्रमुख विभागों के लिए बजट
स्कूल शिक्षा हेतु 22,360 करोड़
पंचायत एवं ग्रामीण विकास हेतु 16,560 करोड
कृषि हेतु 13,507 करोड़
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति हेतु 12,820 करोड़
महिला एवं बाल विकास हेतु 11,000 करोड़
लोक निर्माण हेतु 9,451 करोड़
ऊर्जा हेतु 9,015 करोड़
गृह हेतु 8,380 करोड़
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा हेतु 8,050 करोड़
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी हेतु 3,890 करोड़
युवाओं के लिए
बजट में युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की गई है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए 33 करोड़ का बजट। रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र हेतु 25 करोड़। मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के लिए 10 करोड़। सभी नालदां पुस्तकालयों में करियर काउसंलिंग केंद्र के लिए 10 करोड़ रुपये। छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए 5 करोड़ रुपये। दुर्ग, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार और रायगढ़ स्थित 5 सरकारी महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापना हेतु 15 करोड़ रुपये।
स्वास्थ्य के लिए बड़ी घोषणाएं
शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत के लिए 1,500 करोड़ रुपये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये। अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण। दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में प्रशिक्षण केंद्र। 25 डायलिसिस केंद्र एवं 50 जन औषधि केंद्र। रायपुर में राज्य का पहला होम्योपैथी कॉलेज। बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट। दतेंवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जाजंगीर चांपा, कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना। काकेंर, कोरबा, मनेंद्रगढ़ और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज।
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