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CGPSC घोटाला: पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की दूसरी जमानत याचिका खारिज

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 2021 के छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में मुख्य आरोपी और पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की दूसरी ...

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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 2021 के छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में मुख्य आरोपी और पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की दूसरी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि यह जमानत के लिए उपयुक्त मामला नहीं है. 


हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि परीक्षा के पेपर लीक करना और अपने ही परिवार के सदस्यों को फायदा पहुँचाना एक गंभीर अपराध है, जिसने प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और प्रतियोगी परीक्षाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाई है.


सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सोनवानी को इस पूरे घोटाले का "किंगपिन" यानी मुख्य सूत्रधार बताते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया. CBI ने अदालत को सूचित किया कि हालांकि सोनवानी के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन 10 अन्य उम्मीदवारों और उनसे जुड़े संदिग्धों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है. ऐसे में आरोपी को रिहा करने से जांच प्रभावित हो सकती है. 


सोनवानी की पहली जमानत याचिका अप्रैल 2025 में खारिज हुई थी, जिसके बाद अब दूसरी बार भी उन्हें अदालत से कोई राहत नहीं मिली है.


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाला मुख्य रूप से 2021 की राज्य सेवा परीक्षा में हुई धांधली से संबंधित है, जिसमें आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और अन्य अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. 


जांच में सामने आया कि सोनवानी ने अपने भतीजे, बहू और अन्य करीबी रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे उच्च पदों पर चयनित करवाने के लिए नियमों में बदलाव किए और परीक्षा से पहले ही प्रश्न-पत्र लीक कर दिए थे. 


सीबीआई (CBI) की चार्जशीट के अनुसार, इन नियुक्तियों के लिए कथित तौर पर भारी रिश्वत ली गई और अयोग्य उम्मीदवारों को फायदा पहुँचाने के लिए चयन प्रक्रिया के मानदंडों के साथ छेड़छाड़ की गई. 


इस घोटाले के कारण प्रदेश के लाखों योग्य उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हुआ, जिसके बाद वर्तमान सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी. वर्तमान में टामन सिंह सोनवानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और लाभार्थी उम्मीदवार जेल में हैं और मामले की विस्तृत कानूनी जांच जारी है.

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