राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत दावे व आपत्तियों का समय बढ़ सकता है। छह ...
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत दावे व आपत्तियों का समय बढ़ सकता है। छह फरवरी इसकी अंतिम तिथि है।
दो सप्ताह से लेकर एक माह तक समय बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। जल्द ही चुनाव आयोग इसकी घोषणा कर सकता है। इसके साथ ही सुनवाई के लिए भी तिथि बढ़ने की पूरी संभावना है। अभी 27 फरवरी सुनवाई की अंतिम तिथि है।
एसआईआर के तहत अभी करीब 48 लाख लोगों ने ही मतदाता बनने के लिए फार्म-6 भरा है। चुनाव आयोग की उम्मीदों से यह बहुत कम है। यही वजह है कि आयोग दावे व आपत्तियों का समय बढ़ा सकता है।
सूत्रों के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने समय बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग को पत्र भी भेज दिया है। इसमें यह बताया गया है कि अभी प्रदेश में बहुत कम फार्म-6 जमा हुए हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में 12.55 करोड़ मतदाता हैं।
2003 की मतदाता सूची से रिकॉर्ड न मिलने वाले 1.04 करोड़ मतदाताओं के अलावा तार्किक विसंगतियों वाले 2.22 करोड़ मतदाता हैं जिन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई होनी है। अभी तक मात्र 1.70 करोड़ से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं, इनमें से करीब 80 लाख से अधिक नोटिस बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा मतदाताओं को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
मात्र 22 लाख की ही अभी तक सुनवाई को सकी है। यह मात्र सात प्रतिशत है। मतदाताओं की सुनवाई 27 फरवरी तक चलनी है, ऐसे में इसका भी समय बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग से आग्रह किया गया है। समय बढ़ने पर अंतिम मतदाता सूची भी छह मार्च के बजाय मार्च अंत या फिर अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रकाशित होने की उम्मीद है।
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