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अयोध्या में आज रामलला जन्मोत्सव, जानिए कब होगा सूर्य तिलक और विशेष पूजन

  अयोध्या में रामलला के तीसरे जन्मोत्सव की धूम मची हुई है। आज चैत्र शुक्ल नवमी है और रामनगरी में रामलला का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। पूरा श...

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अयोध्या में रामलला के तीसरे जन्मोत्सव की धूम मची हुई है। आज चैत्र शुक्ल नवमी है और रामनगरी में रामलला का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। पूरा शहर भगवान राम के जन्म के उत्साह से भरा हुआ है। देश के अलग-अलग हिस्सों से रामभक्त उत्सव में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। राम मंदिर और रामजन्मभूमि परिसर को खूब सजाया-संवारा गया है, जो देखने में बेहद दिव्य लग रहा है।

जन्मोत्सव कब और कैसे शुरू होगा

राम मंदिर में उत्सव सुबह 9 बजे से शुरू हो गया है। सबसे पहले रामलला का पंचामृत से महाअभिषेक होगा, जो करीब 11 बजे तक चलेगा। सुबह भोर में मंगला आरती और श्रृंगार आरती अपने तय समय पर हुई। इसके बाद रामलला को पीतांबर धारण कराया जाएगा और उनका भव्य श्रृंगार होगा। ट्रस्ट के डॉ. अनिल कुमार मिश्र के मुताबिक, सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर 12 बजे तक गर्भगृह पर आवरण रहेगा। इस दौरान गर्भगृह खुला रहेगा, ताकि भक्त श्रृंगार देख सकें। दोपहर 11:45 बजे छप्पन भोग लगाया जाएगा। ठीक 12 बजे रामलला का जन्म माना जाएगा। उसके बाद पूजन-अर्चन और आरती होगी।

सूर्य तिलक की खास बात

जन्म के समय ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर विराजेंगी। ये किरणें चार से पांच मिनट तक उनके माथे पर तिलक का काम करेंगी। सूर्य तिलक का परीक्षण पहले ही हो चुका है, इसलिए सब कुछ प्लान के मुताबिक होगा। यह नजारा काफी खास है और भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दर्शन की व्यवस्था

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भक्तों को ध्यान में रखते हुए दर्शन का समय बढ़ा दिया है। सुबह और शाम मिलाकर करीब तीन घंटे अतिरिक्त समय दिया गया है। सुबह 5 बजे से प्रवेश शुरू होगा, 5:20 बजे से दर्शन शुरू हो जाएगा। मंदिर रात 11 बजे तक खुला रहेगा। इस बार बड़ी संख्या में भक्त आने वाले हैं, इसलिए यह व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालुओं के लिए खास तैयारियां

पूरे रामजन्मभूमि परिसर और दर्शन मार्ग पर कालीन बिछाई गई है, ताकि भक्तों को धूप और गर्मी से राहत मिले। रामपथ, भक्तिपथ और धर्मपथ पर भी मैटिंग कर दी गई है। पेयजल, चिकित्सा और शौचालय की अच्छी व्यवस्था की गई है। रामपथ के साथ सरयू घाटों, राम की पैड़ी, कनक भवन और हनुमानगढ़ी पर बैरिकेडिंग की गई है। मुख्य प्रवेश द्वार के सामने और अंगद टीला परिसर में पंडाल बनाए गए हैं। यातायात को सुधारने के लिए चारपहिया वाहनों का प्रवेश रोका गया है और पुराने सरयू पुल से अयोध्या में वाहनों पर पाबंदी लगाई गई है। सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

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