जांजगीर-चांपा। जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को कोर्ट ने 22 जनवरी तक के लिए रिमांड पर जेल भेज दिया है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-...
जांजगीर-चांपा।
जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को कोर्ट ने 22 जनवरी तक के लिए
रिमांड पर जेल भेज दिया है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा के जैजैपुर से
कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू ने किसान से 42 लाख 78 हजार रुपए की
धोखाधड़ी की है। पुलिस ने 9 जनवरी को कोर्ट में चार्जशीट पेश किया। सुनवाई
के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा ने विधायक को 22 जनवरी तक
जानकारी
के मुताबिक कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू ने सहयोगी गौतम राठौर के साथ
मिलकर किसान राजकुमार शर्मा (46) के नाम पर 42 लाख का लोन पास कराया। इसके
बाद किसान से 10 ब्लैंक चेक ले लिए। इसी ब्लैंक चेक के माध्यम से अलग-अलग
किस्त में फर्जी साइन से पैसे निकाल लिए।
दरअसल, 2015 से 2020 के
बीच बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे।
वहीं गौतम राठौर उस समय विक्रेता के पद पर काम कर रहा था। दोनों ने मिलकर
किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का झांसा दिया। बहाने से 10 ब्लैंक चेक
भी ले लिए।
इसके साथ ही साथ ही एचडीएफसी बैंक में दो नए खाते भी
खुलवाए। इन चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर, दोनों ने धीरे-धीरे
मिलाकर 42 लाख 78 हजार रुपए किसान के खातों से निकाल लिए। शुरुआत में 15
जनवरी 2015 को पहली बार 51 हजार रुपए की निकासी की गई थी।
किसान
राजकुमार शर्मा ने बताया कि इसके बाद रकम धीरे-धीरे बढ़ती गई। बालेश्वर
साहू ने अपनी पत्नी आशा साहू के खाते में भी 7.5 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए।
किसान को इस मामले की जानकारी तब हुई, जब 2020 में एचडीएफसी बैंक चांपा से
उसे कॉल आया।
इस दौरान पूछा गया कि क्या उसने बालेश्वर साहू को पैसे
निकालने की अनुमति दी है। यह सुनकर किसान के होश उड़ गए। वो तुरंत बैंक
जाकर डिटेल निकाला। इसके बाद बालेश्वर साहू के पास पहुंचा। उस समय बालेश्वर
साहू ने 6 महीने के भीतर ब्याज समेत पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया था,
लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ।
किसान ने बताया कि इसी बीच विधानसभा
चुनाव हुए। सहयोगी गौतम राठौर ने रकम को चुनावी खर्च बताया। पैसा वापस
मांगने पर दोनों टालमटोल करने लगे। इसके बाद पीड़ित किसान ने विधायक
बालेश्वर साहू के खिलाफ चांपा थाने में 14 अगस्त 2025 को शिकायत दर्ज कराई।
वहीं
शिकायत मिलने के बाद चांपा पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की। सबसे
पहले शिकायतकर्ता राजकुमार शर्मा, उनकी पत्नी और मां के बयान दर्ज किए गए।
तीनों ने बताया कि उन्होंने खुद कभी पैसे नहीं निकाले। इसके बाद पुलिस ने
सहकारी बैंक के 5 कर्मचारियों और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए।
जांच
में यह भी सामने आया कि 24 जनवरी 2020 को की गई एक निकासी पर्ची में
बालेश्वर साहू का मोबाइल नंबर दर्ज था, जिससे साफ हो गया कि निकासी उन्हीं
के ओर से की गई थी। इस आधार पर पुलिस ने सभी दस्तावेजों और बयानों को सबूत
मानते हुए कार्रवाई की।
चांपा पुलिस ने बताया कि बयानों और सबूतों
के आधार पर 3 अक्टूबर 2025 को FIR दर्ज की गई। बालेश्वर साहू और गौतम राठौर
के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (कागजातों की जालसाजी), 267 (सरकारी
दस्तावेज का गलत इस्तेमाल), और 34 (साझा अपराध) के तहत केस दर्ज किया।
इसके
बाद विधायक बालेश्वर साहू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का रुख
किया था, जिसने 4 नवंबर, 2025 को एक आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने कहा था
कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। विधायक बालेश्वर जांच में सहयोग
करेंगे।
हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि चार्जशीट चीफ ज्यूडिशियल
मजिस्ट्रेट (CJM) की कोर्ट में पेश की जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद चांपा
पुलिस ने 7 जनवरी 2026 को MLA बालेश्वर साहू को एक नोटिस जारी किया। कोर्ट
में चार्जशीट पेश होने के दौरान 9 जनवरी को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा
था।
इसके बाद 9 जनवरी को बालेश्वर साहू जांजगीर-चंपा में चीफ
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा की कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के
दौरान बालेश्वर ने जमानत के लिए अपील की, लेकिन प्रवीण मिश्रा की कोर्ट ने
उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। उन्हें 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज
दिया गया। इस बीच, उनके सहयोगी गौतम राठौर जमानत पर बाहर हैं।
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