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बीमा पॉलिसी में झांसा, रायपुर में 63 लाख का चूना 7 साल तक चलता रहा

  रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में निवेश और बीमा पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां युवक और उसके पूरे ...

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रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में निवेश और बीमा पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां युवक और उसके पूरे परिवार से करीब 63 लाख रुपये की ठगी किए जाने की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। यह ठगी एक-दो बार में नहीं, बल्कि करीब सात वर्षों (2014 से 2021) तक सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई।

भनपुरी निवासी अमन अग्रवाल (33) ने खमतराई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि आरोपित मयूर बरमेडा, जो पहले एक निजी बीमा कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था, उनके परिवार के संपर्क में वर्ष 2007-08 से था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने ठगी की पूरी पटकथा तैयार की।

शिकायत के अनुसार, जनवरी 2014 में आरोपित ने घर आकर एक नई मार्केट लिंक बीमा पालिसी का प्रस्ताव दिया और दावा किया कि इसमें निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा। चूंकि परिवार पहले से उसके माध्यम से पालिसी लेता आ रहा था, इसलिए उन्होंने उस पर भरोसा कर दिया। इसके बाद आरोपित समय-समय पर घर और आफिस पहुंचकर अलग-अलग सदस्यों के नाम पर निवेश के लिए चेक लेता रहा।

आरोपित ने अमन अग्रवाल के साथ-साथ उनके परिवार के अन्य सदस्यों में पिता सुरेश अग्रवाल, माता लता अग्रवाल, दादी गीतादेवी अग्रवाल, चाचा-चाची सहित अन्य परिजनों के नाम पर निवेश के बहाने करीब 29 अलग-अलग चेक लिए। इसके अलावा व्यक्तिगत खातों से भी कई चेक लिए गए। कुल मिलाकर आरोपित ने 63 लाख रुपये की बड़ी राशि अपने कब्जे में ले ली।

लंबे समय तक पालिसी के दस्तावेज नहीं मिलने पर पीड़ित को शक हुआ। जब आरोपित से बार-बार दस्तावेज मांगे गए, तो वह बहाने बनाकर टालता रहा। साल 2022 में दबाव बनाने पर आरोपित ने केवल एक पालिसी का दस्तावेज दिया, जबकि बाकी का कोई रिकार्ड नहीं दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने सीधे बीमा कंपनी से संपर्क किया।

बीमा कंपनी से मिली जानकारी ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि पीड़ित और उसके परिवार के नाम पर पालिसी खरीदी ही नहीं गई। आरोपित ने चेक की राशि का इस्तेमाल अन्य लोगों के नाम पर पालिसी खरीदने में किया।

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