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महामारी में राहत की खबर:कोरोना के खतरनाक ओमिक्रॉन वैरिएंट पर भी असरदार रहेगी वैक्सीन

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर खतरा बढ़ता जा रहा है। यह डेल्टा वैरिएंट से कहीं ज्यादा खतरनाक है और ...

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नई दिल्ली

दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर खतरा बढ़ता जा रहा है। यह डेल्टा वैरिएंट से कहीं ज्यादा खतरनाक है और मल्टी म्यूटेशन के साथ इसमें शरीर के इम्यून सिस्टम को धोखा देने की क्षमता है। हालांकि, इस बीच एक राहत भरी खबर आई है। रिसर्चर्स के मुताबिक, मौजूदा वैक्सीन ओमिक्रॉन वैरिएंट पर भी असरदार रह सकती हैं। हालांकि, वैक्सीन को ज्यादा इफेक्टिव बनाने के लिए इस पर शोध की जरूरत है।

इधर, अमेरिका दवा निर्माता कंपनी मॉर्डना ने शुक्रवार को कहा कि वह नए कोरोना के वेरिएंट ओमिक्रॉन के खिलाफ बूस्टर शॉट तैयार करेगी। मॉडर्ना ने कहा कि कंपनी नए खतरे से निपटने के लिए काम कर रही है और वह अपने मौजूदा टीके को नए वैरिएंट के हिसाब से ज्यादा असरदार बनाएगी। मॉडर्ना के CEO स्टीफन बैंसेल ने कहा, 'नया वेरिएंट ओमिक्रॉन चिंता का कारण बना हुआ है। इसके खिलाफ हम अपनी रणनीति को जल्द से जल्द अंजाम देने में लगे हुए हैं।'


दक्षिण अफ्रीका में मिला ओमिक्रॉन वैरिएंट

कोरोना के दक्षिण अफ्रीका में मिले वैरिएंट को ओमिक्रॉन (B.1.1.529) नाम दिया गया है। कहा जा रहा है कि इस वैरिएंट के कुल 50 तरह के म्यूटेशन हैं, जिसमें से 30 इसके स्पाइक प्रोटीन में है। इस वजह से इसे डेल्टा वैरिएंट से भी खतरनाक बताया जा रहा है। इस नए वैरिएंट की वजह से दक्षिण अफ्रीका में पिछले एक हफ्ते में नए केसेस 200% तक बढ़ चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका से निकलकर ये वैरिएंट हॉन्ग कॉन्ग, इजराइल और बोत्सवाना तक पहुंच गया है।

तेजी से फैलने वाला है ये वैरिएंट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि ओमिक्रॉन दूसरे सभी वैरिएंट की तुलना में ज्यादा तेजी से फैल सकता है। ऐसे में दुनियाभर में कोरोना फैसले का खतरा फिर बढ़ गया है। वैज्ञानिक इसे डरावना और अब तक का सबसे खराब वैरिएंट कह रहे हैं।

कोरोना के पुराने स्ट्रैन के हिसाब से बनी हैं वैक्सीन

अभी तक दुनिया में मौजूद सभी वैक्सीन को चीन में मिले मूल वायरस के हिसाब से बनाया गया है, लेकिन ये स्ट्रैन उस मूल वायरस से अलग है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस वैरिएंट पर मौजूदा वैक्सीन कम इफेक्टिव रह सकती हैं यानी उनकी एफिकेसी कम हो सकती है। हालांकि, इस बारे में अभी पुख्ता जानकारी नहीं है।

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