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जिसे पुलिस समझ रही थी हत्या, दरअसल मामला निकला दुर्घटना की

महासमुंद । जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम भीथीहीड के बाहर एक किसान धनसाय खड़िया के खेत में 22 जनवरी को एक अज्ञात व्यक्ति की संदिग्ध अव...

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महासमुंद। जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम भीथीहीड के बाहर एक किसान धनसाय खड़िया के खेत में 22 जनवरी को एक अज्ञात व्यक्ति की संदिग्ध अवस्था में लाश मिली थी l प्रथम दृष्टया पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानकर मामले में अज्ञात युवक की शिनाख्त शुरू कर दी।  पिथौरा पुलिस की टीम के साथ साइबर की टीम भी मामले में खोजबीन के लिए लगी थी। 

पुलिस की टीम  ने 31 जनवरी को मुकेश भोई, गिरधर पुरी थाना राजा देवरी जिला बलौदा बाजार के रूप में युवक की पहचान की। युवक की पहचान होने के बाद मामले को सुलझाने के लिए महासमुंद पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा  टेंभुरकर ने  पुलिस की अलग_अलग टीम बनाकर।  अज्ञात हत्यारों की खोजबीन के लिए पुलिस की टीम लग गई।  पुलिस की पूछताछ में मामला सामने आया की 21 जनवरी को मुकेश भोई अपने जीजा महेंद्र भोई घर गया था। 

जहां से वह अपने दोस्त मणिलाल यादव ग्राम रामपुर के साथ शिकार करने के लिए जंगल की तरफ खेत में गया। जिस खेत में मुकेश भोई अपने दोस्त के साथ पहुंचा था वह खेत लीलाधर ठाकुर की थी जिनके खेत में विद्युत प्रवाहित हो रहा था। जिसकी चपेट में मुकेश भोई आ गया और घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गया। मुकेश भोई की मौत होते देख मणिलाल यादव डर गया और मौके से भाग निकला। ऐसी जानकारी पुलिस दे रही है।  

रात्रि के लगभग 3 बजे  खेत का लीलाधर ठाकुर पिता जहर सिंह ठाकुर 25 साल को कुछ खेत में हलचल होने की आवाज आई और वह खेत की तरफ गया जहां मृतक मुकेश भोई मृत पड़ा था। जिसके बाद वह खेत से निकला और अपने दोस्त भीरू बरिहा को बुलाकर डर की वजह से  लीलाधर ठाकुर और भीरू बरिहा सुबह 5बजे के लगभग पिथोरा थाना क्षेत्र पहुंचे और खेत में छोड़ कर भाग निकले थे।   पिथोरा पुलिस ने मामले में लीलाधर ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है और फरार आरोपी भीरू बरिहा की तलाश कर रही है।

अब सवाल यह खड़ा होता है कि पुलिस ने मृतक के दोस्त मणिलाल यादव को आरोपी क्यों नही मान रही है। जिसके साथ मृतक शिकार के लिए गया था।  पुलिस आखिर क्यों मणिलाल को सरकारी गवाह बना दिया है। इस तरह के कई सवाल अब खड़े हो रहे है। पुलिस का कहना है कि मणिलाल ने ही जानकारी दी है इसलिए उसका अपराध नहीं है।

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