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प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए राज्य योजना आयोग बनाएगी विकेंद्रीकृत वार्षिक जिला योजना

  राज्य योजना आयोग के डिस्ट्रिक्ट प्रोगेस रिपोर्ट के आधार पर होगी जिले की प्लानिंग रायपुर। राज्य में स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर स्थानीय न...

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 राज्य योजना आयोग के डिस्ट्रिक्ट प्रोगेस रिपोर्ट के आधार पर होगी जिले की प्लानिंग

रायपुर। राज्य में स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर स्थानीय नागरिकों द्वारा तैयार की गई योजनाओं को शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य योजना आयोग को समुचित सुझाव देने का दायित्व दिया गया है। राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को समग्र समावेशी बनाने और अपेक्षित प्रगति को गति देने के लिए राज्य योजना आयोग को विकेंद्रीयकृत जिला योजना 2024-25 तैयार किया जाएगा योजना आयोग को  जिला स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं का क्रम निर्धारित करने, योजनाएं बनाने, समीक्षा करने और संसाधन वितरण की प्राथमिकता निर्धारित करने का दायित्व दिया गया है। इसके लिए राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार किए गए डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट को आधार बनाया गया है। साथ ही इन योजनाओं को महत्वकांक्षी बनाने का प्रावधान भी शासन स्तर पर किया गया है।  राज्य योजना आयोग को इन दायित्वों को पूरा करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और नगरीय प्रशासन विभाग के साथ कई बैठकें और पत्राचार हुए। प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास प्रभावी रूप से समावेशी बनाने, कृषि तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटलाइजेशन, मौसम सूचना तकनीक, बायोटेक्नालॉजी सहित जनसामान्य से जुड़ी नई तकनीक के क्षेत्र में राज्य में हुई प्रगति की जानकारी का समावेश किया जाएगा। इसी प्रकार राज्य की प्रगति से हुए लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक समावेशी व प्रभावी रूप में ले जाने के लिए जिलों के संबंधित क्रियान्वयन संस्थाओं व विभागों को सक्रिय करने और संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए नवीन दिशा-निर्देश की आवश्यकता थी। इस पर विचार करते हुए नगरीय प्रशासन विकास विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष, श्री अजय सिंह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग द्वारा जिला योजना समिति के द्वारा विकेन्द्रीकृत जिला योजना तैयार करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। राज्य के ग्रामीण निकायों व नगरीय निकायों द्वारा उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास की योजनाएं बनाए जाने के लिए क्रमशः पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए जाने की आवश्यकता से उन्हें अवगत कराया गया है। 

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