Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

Breaking News:

latest

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का रायगढ़ प्रवास का दूसरा दिन

  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम बनोरा के आश्रम पहुंचकर बाबा प्रियदर्शी राम जी का किया दर्शन, बाबा जी का लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री ...

यह भी पढ़ें :-

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम बनोरा के आश्रम पहुंचकर बाबा प्रियदर्शी राम जी का किया दर्शन, बाबा जी का लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री ने सुबह की पहली किरण के साथ बनोरा आश्रम पहुंचकर बाबा प्रियदर्शी राम के दर्शन के लिए पहुंचे, प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की 

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दूसरे दिन सुबह की पहली किरण के साथ बनोरा आश्रम पहुंचे। उन्होंने आश्रम में पहुंचकर सबसे पहले अघोरेश्वर बाबा राम जी की प्रतिमा के दर्शन करने के बाद आश्रम में बाबा प्रियदर्शी राम जी से आशीर्वाद लेकर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और ख़ुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि साधु संतों का आशीर्वाद होना मानव जीवन के लिए बहुत जरूरी है। साधु संतों के आशीर्वाद से आध्यात्मिक शक्ति मिलती है जिससे पूरी सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। 

आध्यत्मिक मूल्यों एवम संस्कारों की पाठशाला :- अघोर गुरु पीठ बनोरा

छत्तीसगढ़ में अघोर पंथ का बीजारोपण करने वाले वाले पूज्य अघोरेश्वर के शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के कर कमलों से तीन दशक पहले रायगढ़ के पूर्वांचल स्थित ग्राम बनोरा में इस ट्रस्ट की नींव रखी गई तब से लेकर आज तक यह ट्रस्ट राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। मनुष्य को आत्मिक रूप से शक्तिशाली बनाने के लिए अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा की स्थापना तीन दशक पहले की गई है। अघोरश्वर महाप्रभु ने समाज के विकास की अवधारणाओं का सूत्रपात किया लेकिन इस दिशा में बहुत से अधूरे कार्यों को पूरा करने  अघोरेश्वर के प्रियतम शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम ने बनोरा से जुड़ी अन्य शाखाओं का शिवरीनारायण, डभरा, चिरमिरी, अंबिकापुर सहित अन्य प्रांतों में भी विस्तार किया। बनोरा से जुड़ी सभी शाखाओं में मानव सेवी गतिविधियां निरंतर संचालित हो रही हैं। बनोरा ट्रस्ट से जुड़ी सभी शाखाएं आस पास क्षेत्र के मौजूद जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को जीवन की मूलभूत आवश्यकता शिक्षा, चिकित्सा या आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा देकर समाज कल्याण के लिए क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं।

No comments