Kaushambi Firecracker Explosion: यूपी के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को भीषण विस्फोट हो गया। जिससे फैक्ट्री क्षतिग्रस्त हो गई। ...
Kaushambi Firecracker Explosion: यूपी के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को भीषण विस्फोट हो गया। जिससे फैक्ट्री क्षतिग्रस्त हो गई। धमाका इतनी तेज था कि आसपास के कुछ मकान भी जमीदोज़ हो गए। इस हादसे में 11 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
सीएम योगी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों और घायलों को मुआवजा देने का ऐलान किया है। सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही सीएम योगी ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक समेत आदिल पुत्र नौशाद, शकील पुत्र निजामुद्दीन, शबाना पत्नी शकील, नौशाद पुत्र निजामुद्दीन, कहकसा बानो पत्नी नौशाद, साइना पुत्री शकील निवासी महमूदपुर मनौरी, पिपरी, कौशांबी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।
दो दशक से चल रही थी पटाखा फैक्ट्री
पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ है वह करीब दो दशक से संचालित थी, जहां पटाखों के लिए विस्फोटक तैयार किए जाते थे। बताया जाता है कि फैक्ट्री के पूर्व मालिक नौशाद की मृत्यु के बाद उसका पुत्र आदिल और भाई शकील फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे। आरोप है कि फैक्ट्री बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी और यहां तैयार पटाखे एवं वस्फिोटक कौशाम्बी के अलावा अन्य स्थानों पर भी भेजे जाते थे। स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
2024 में जेल जा चुका है फैक्ट्री मालिक आदिल
अवैध रूप से पटाखा बनाने और भंडारण के मामले में फैक्ट्री संचालक आदिल वर्ष 2024 में जेल जा चुका था। जेल से रिहा होने के बाद भी मनौरी बाजार के रिहायशी इलाके में कथित रूप से बिना लाइसेंस पटाखा एवं विस्फोटक तैयार करने का काम जारी रहा। डीएम डॉ. अमित पाल ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी व्यक्ति की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री के भंडारण और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद हादसे की जिम्मेदारी तय होने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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