मुंबई । डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर अपने गुस्सैल और सख्त रवैये के लिए जाने जाते हैं. साल 1989 में आई फिल्म 'परिंदा' की शूटि...
मुंबई । डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर अपने गुस्सैल और सख्त रवैये के लिए जाने जाते हैं. साल 1989 में आई फिल्म 'परिंदा' की शूटिंग के दौरान निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा के साथ हुए उनके विवाद के चर्चे आज भी होते हैं. हालांकि, नाना पाटेकर के व्यक्तित्व का एक ऐसा पहलू भी है जिससे बहुत कम लोग वाकिफ हैं.
वर्ष 1996 में आई फिल्म 'अग्निसाक्षी' के पटकथा लेखक रणबीर पुष्प ने नाना पाटेकर से जुड़ा एक बेहद भावुक किस्सा साझा किया है.
रणबीर पुष्प के अनुसार, लोग नाना पाटेकर के बारे में अक्सर गलत धारणाएं बना लेते हैं. उन्होंने उस घटना का जिक्र किया जब नाना पाटेकर 1.5 करोड़ रुपये की एक महंगी कार खरीदने वाले थे.
उसी दौरान उन्हें आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की बदहाली का पता चला. यह सुनते ही नाना ने कार खरीदने का फैसला तुरंत रद्द कर दिया और वह पूरी रकम पीड़ित किसान परिवारों में बांट दी. उन्होंने अपने एक दोस्त के जरिए प्रत्येक प्रभावित परिवार को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक मदद पहुंचाई.
नाना पाटेकर की दरियादिली यहीं खत्म नहीं हुई. उन्होंने किसानों की मदद के लिए 'नाम' (Naam Foundation) नामक संस्था की शुरुआत की, जिसके जरिए आज भी भारी मात्रा में राहत राशि जुटाई जाती है. खुद साधारण जीवन जीने वाले नाना महाराष्ट्र में अपने फार्महाउस पर रहते हैं. रणबीर का कहना है कि जो इंसान किसानों के आंसू पोंछता है, वह कभी किसी का बुरा नहीं कर सकता.
रणबीर ने नाना पाटेकर के गुस्से पर बात करते हुए बताया कि उनके गुस्से के पीछे हमेशा कोई न कोई जायज वजह होती है. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक बार सड़क पर चलती गाड़ी से किसी ने प्लास्टिक की बोतल बाहर फेंक दी. नाना ने अपनी गाड़ी रोककर वह बोतल उठाई और आगे ट्रैफिक सिग्नल पर उस गाड़ी के चालक को रोककर देश को साफ रखने का पाठ पढ़ाया.
इसके अलावा रणबीर पुष्प ने फिल्म 'अग्निसाक्षी' और 'खामोशी: द म्यूजिकल' के दौरान नाना पाटेकर और अभिनेत्री मनीषा कोइराला के संबंधों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि दोनों के बीच एक बेहद खास रिश्ता और समझ थी. शूटिंग से पहले दोनों अपने सीन पर गहन चर्चा करते थे, जिसकी झलक पर्दे पर उनकी बेहतरीन अदाकारी में साफ नजर आती थी.
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