अंबिकापुर । संवाददाता: अंबिकापुर के प्रधान डाकघर में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की परिपक्वता राशि में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला...
अंबिकापुर । संवाददाता: अंबिकापुर के प्रधान डाकघर में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की परिपक्वता राशि में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है. लगभग 15 से अधिक जमाकर्ताओं की 35 लाख रुपये से ज्यादा की राशि को नियमानुसार उनके बचत खातों में भेजने के बजाय अन्य खातों में स्थानांतरित कर निकाल लिया गया.
इस जालसाजी का पता चलने पर डाक विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्कालीन पोस्टमास्टर मनोज पाण्डेय, डेटा एंट्री ऑपरेटर रामजी लाल मीना और सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब बलरामपुर निवासी सिराजुल हक ने अपनी मैच्योर हो चुकी एफडी का पैसा खाते में न पहुंचने पर इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई. नियमों के अनुसार, एफडी अवधि पूरी होने पर मूल धन और ब्याज की राशि सीधे खाताधारक के लिंक्ड बचत खाते में क्रेडिट होनी चाहिए.
विभागीय जांच अधिकारी व सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने जब पड़ताल शुरू की, तो मार्च 2026 के बाद से हुए ऐसे कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए. जांच में पता चला कि प्रधान डाकघर के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) से डेटा प्रविष्टि के दौरान फेरबदल कर पैसों को दूसरे खातों में मोड़ दिया गया था.
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग अब पिछले कुछ महीनों में मैच्योर हुए सभी खातों की व्यापक ऑडिट करा रहा है, जिससे प्रभावितों की संख्या और ठगी की रकम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि डेटा एंट्री ऑपरेटर की इसमें मुख्य भूमिका थी, जबकि पर्यवेक्षक और पोस्टमास्टर के स्तर पर गंभीर लापरवाही पाई गई है.
फिलहाल जांच प्रक्रिया अंतिम चरण में है और विभागीय रिपोर्ट तैयार होते ही आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी. इसके साथ ही, डाक प्रशासन ने पीड़ित खाताधारकों को उनकी गाढ़ी कमाई की पूरी राशि शीघ्र वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
.jpg)
No comments