रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित जिंदल परिसर (गेट नंबर-2) में संचालित इंडेन गैस एजेंसी में रसोई और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों ...
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित जिंदल परिसर (गेट नंबर-2) में संचालित इंडेन गैस एजेंसी में रसोई और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण व स्टॉक में बड़े पैमाने पर धांधली का पर्दाफाश हुआ है. खाद्य विभाग की टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में गोदाम से रिकॉर्ड की तुलना में कुल 816 सिलेंडर कम पाए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10.72 लाख रुपये है.
इस गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता को देखते हुए कोतरा रोड पुलिस स्टेशन में एजेंसी प्रभारी समेत चार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है.
मामले की शुरुआत मार्च महीने में कलेक्टर न्यायालय के निर्देश के बाद हुई, जब सहायक खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम ने गोदाम का औचक निरीक्षण किया.
जांच के दौरान उपलब्ध स्टॉक और दस्तावेजों के मिलान में भारी अंतर सामने आया. इसमें 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले 633 भरे हुए घरेलू सिलेंडर तथा 19 किलोग्राम वाले 56 भरे और 127 खाली व्यावसायिक सिलेंडर गायब थे.
इसके अतिरिक्त जांच दल ने गोदाम परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने, सुरक्षा द्वार की गैरमौजूदगी और सिर्फ एक अग्निशमन यंत्र होने जैसी कई तकनीकी खामियां भी उजागर कीं.
इस पूरी धांधली का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की आपूर्ति पर पड़ा. अधिकारियों को पड़ताल के दौरान ऐसे 1,878 उपभोक्ता मिले, जिन्होंने रिफिल बुकिंग कराई और उनका इनवॉइस भी जारी हो चुका था, लेकिन उन्हें सिलेंडर कभी प्राप्त ही नहीं हुआ.
एजेंसी के कंप्यूटर सिस्टम में फर्जी तरीके से 'ऑनलाइन डिलीवरी' दर्ज कर दी जाती थी, जबकि असल में सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचे ही नहीं थे. मौके पर पहुंचे परेशान ग्राहकों और फोन पर मिली शिकायतों ने इस फर्जीवाड़े की पुष्टि की.
द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के स्पष्ट उल्लंघनों के आधार पर खाद्य विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने एजेंसी प्रभारी टीकाराम पटेल, गोदाम प्रभारी भजराम धोबी, कंप्यूटर ऑपरेटर चेतन बरेठ और जिंदल प्रबंधन के अधिकारी आशीष गेरा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
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