जांजगीर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में शिक्षा विभाग की साख पर बट्टा लगाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नशे में धुत...
जांजगीर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में शिक्षा विभाग की साख पर बट्टा लगाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नशे में धुत एक शिक्षक ने स्कूल परिसर के भीतर ही भारी हंगामा खड़ा कर दिया. शासकीय प्राथमिक शाला भांठापारा भुईगांव (पामगढ़ विकासखंड) में पदस्थ प्रधान पाठक योगेश्वर सिंह कंवर शराब के नशे में लड़खड़ाते हुए स्कूल पहुंचे थे.
जब वहां मौजूद अध्यापकों ने उनके इस रवैये का विरोध जताया, तो वे शांत होने के बजाय अधिकारियों को खुलेआम चुनौती देने लगे. उनका यह दुर्व्यवहार कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया.
वीडियो सामने आने और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया, जिस पर जिला प्रशासन ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है. जिला शिक्षा अधिकारी मनोहर प्रताप सिंह ने प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पामगढ़ BEO कार्यालय में संबद्ध कर दिया है.
इस पूरी घटना को कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बेहद गंभीरता से लिया है. उन्होंने न केवल इस मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं, बल्कि जिले के सभी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, अनुशासन और कार्यशैली पर लगातार कड़ी निगरानी रखने की हिदायत भी अधिकारियों को दी है.
गंभीर बात यह भी है कि शराब के नशे में धुत्त हेडमास्टर ने बच्चों के सामने ही एक महिला शिक्षिका के साथ अभद्रता की और उनकी पढ़ाई पर सवाल उठाते हुए बहस की. इस घटना से स्कूल के अनुशासित माहौल पर गहरा असर पड़ा. वायरल वीडियो में शिक्षक यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि "वीडियो बनाओ और जहां शिकायत करनी है कर दो, मैं BEO, DEO और कलेक्टर तक जाऊंगा."
जिले में शैक्षणिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सख्त रुख अपना रहा है. कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले भर के स्कूलों से अनुशासनहीनता और नशे से जुड़ी शिकायतों की एक सूची तैयार की जाए.
साथ ही, अब तक ऐसे मामलों में दी गई बड़ी सजाओं और विभागीय जांच की अद्यतन रिपोर्ट भी तलब की गई है, ताकि दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
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