रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को ...
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को कांग्रेस द्वारा लगाए गए निजीकरण के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने इन दावों को "भ्रामक और आधारहीन" करार देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने की कोई योजना या मंशा नहीं है.
दरअसल, छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में बिजली वितरण का लाइसेंस पाने के लिए एक निजी कंपनी द्वारा दिए गए आवेदन का हवाला देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे.
दीपक बैज का दावा था कि सरकार राज्य में बिजली क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने की तैयारी कर रही है, जिससे भविष्य में आम उपभोक्ताओं पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस कदम का हर स्तर पर विरोध करेगी.
कांग्रेस के इन हमलों का कड़ा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिस जनसुनवाई को आधार बनाकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह महज एक सामान्य और नियमित विनियामक (रेगुलेटरी) प्रक्रिया का हिस्सा है. इसे सरकार का कोई नीतिगत फैसला या निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम नहीं माना जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा की तरह भ्रम और बेवजह की आशंकाएं फैलाने की कोशिश कर रही है. किसी आवेदन पर सुनवाई होना अपने आप में निजीकरण का निर्णय नहीं होता.
उन्होंने प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है और उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की भ्रामक बयानबाजी से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है.
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