नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर माहौल बेहद तनावपूर्...
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित "जंतर-मंतर 2.0" विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई प्रमुख नेताओं और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया है. पुलिस की इस कार्रवाई और राजधानी में लागू की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है.
आईजीआई एयरपोर्ट पर उड़ान उतरते ही सीजेपी नेता हिरासत में
शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर विमान के भीतर से ही दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पार्टी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में अभिजीत दिपके पुलिस अधिकारियों से यह कहते सुने गए कि वे यहां गिरफ्तारी देने ही आए हैं.
पुलिस का कहना है कि नेताओं के पास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी. वहीं, दिपके ने आरोप लगाया कि सीजेपी नेताओं के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है और यह कार्रवाई उन्हें विरोध स्थल तक पहुंचने से रोकने की पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा है.
लीगल टीम प्रमुख रत्ना सिंह और अन्य वकीलों पर भी शिकंजा
सीजेपी की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह को भी दिल्ली पुलिस ने तीन अन्य वकीलों के साथ हिरासत में ले लिया. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में रत्ना सिंह एक कार में बैठी नजर आईं, जिसे भारी संख्या में पुलिसकर्मियों ने घेर रखा था.
रत्न सिंह ने कहा कि पुलिस सुबह उनके घर पहुंची थी, लेकिन वहां न मिलने पर उन्हें सड़क पर रोककर हिरासत में ले लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बिना किसी लिखित नोटिस के 'ऊपर के आदेश' का हवाला देकर यह कार्रवाई कर रही है.
राहुल गांधी का तीखा हमला: ज्ञानेश कुमार जाएंगे और यह सरकार भी जाएगी
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जाएंगे और यह सरकार भी जाएगी, जिसके बाद ही भारतीय लोकतंत्र की मरम्मत का काम शुरू होगा.
शुक्रवार को संसद के सेंट्रल हॉल में इंडिया गठबंधन के सांसदों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में मुख्य चुनाव आयुक्त से भी बड़ी एक समस्या है, जिसका समाधान इस सरकार को हटाने से ही हो सकता है. उन्होंने विश्वास जताया कि अगर विपक्ष इसी तरह एकजुट होकर आवाज उठाता रहा तो यह सरकार जल्द ही गिर जाएगी.
ध्रुव राठी की हिरासत और 'जंतर-मंतर 2.0' का ऐलान
इधर, मशहूर इंफ्लुएंसर और एक्टिविस्ट ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम स्थित आवास से पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इसके अलावा दिल्ली की सीमाओं पर जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे सैकड़ों युवाओं और छात्र कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है.
सीजेपी ने ध्रुव राठी और अन्य कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग करते हुए आधिकारिक तौर पर "जंतर-मंतर 2.0" आंदोलन के आगाज की घोषणा कर दी है. पार्टी ने कहा कि चुनावी मतदाता सूची में धांधली के खिलाफ उठ रही लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए सरकार ने यह शहरव्यापी कार्रवाई की है. प्रदर्शन को देखते हुए संगठन ने कार्यकर्ताओं के लिए 12 बिंदुओं की एक सख्त एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें शांति बनाए रखने, किसी भी प्रकार की हिंसा या उकसावे से बचने और पुलिस के साथ असहयोग न करने की अपील की गई है.
आम आदमी पार्टी का आरोप: देश में लागू हुई 'ब्लैक इमरजेंसी'
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई और सुरक्षा इंतजामों को 'ब्लैक इमरजेंसी' करार दिया है. आप विधायक गोपाल राय ने कहा कि केंद्र सरकार एक व्यक्ति को बचाने के लिए पूरी दिल्ली को छावनी में बदल चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के बजाय सरकार ने आम जनता और युवाओं की आवाज दबाने के लिए 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद करवा दिया और ट्रेनें रद्द कर दीं.
आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी कहा कि देश का युवा अपनी चिंताओं को शांतिपूर्ण तरीके से रखना चाहता है, लेकिन सरकार भारी पुलिस बल तैनात करके डर का माहौल बना रही है.
कांग्रेस बोली- शांतिपूर्ण प्रदर्शन से घबराई 'मोदी-शाह' की जोड़ी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री युवाओं के इस शांतिपूर्ण आंदोलन से बुरी तरह बौखला गए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा अब नैतिक रूप से बेहद जरूरी हो गया है.
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए लगभग 14 करोड़ भारतीयों को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की गई है. चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए इस व्यवस्था को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए.
फिलहाल, सुरक्षा कारणों से दिल्ली के प्रमुख इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखे गए हैं, जिससे आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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