बिलासपुर । संवाददाता: त्यौहारी सीजन के दौरान बाजार में शक्कर की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और अवैध भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ...
बिलासपुर । संवाददाता: त्यौहारी सीजन के दौरान बाजार में शक्कर की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और अवैध भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बिलासपुर में सख्त कदम उठाए गए हैं. केंद्र सरकार द्वारा जारी संशोधित गाइडलाइन के अनुपालन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने सभी जिला कलेक्टर्स को कड़े निगरानी निर्देश दिए हैं. इसके अंतर्गत जिले का कोई भी व्यापारी अब एक समय में 1000 क्विंटल से अधिक शक्कर का स्टॉक नहीं रख पाएगा.
साथ ही व्यापारियों को अपने पास मौजूद शक्कर के स्टॉक को 15 दिनों से ज्यादा समय तक जमा रखने की अनुमति भी नहीं दी गई है.
नई गाइडलाइन और स्टॉक सीमा से व्यापारियों को अवगत कराने के उद्देश्य से खाद्य संचालनालय ने कलेक्टर्स को बैठक आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं.
बिलासपुर के जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने स्पष्ट किया है कि पंजीकृत स्टॉकिस्टों को 1000 क्विंटल की अधिकतम सीमा का पालन करना होगा और हर सप्ताह इसका ब्योरा देना होगा. राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें व्यापारिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करेंगी. यदि जांच में निर्धारित सीमा से अधिक शक्कर बरामद होती है अथवा पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज पाई जाती है, तो संबंधित व्यापारी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act), 1955 के प्रावधानों के अनुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
बाजार में शक्कर की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए एक विशेष डिजिटल व्यवस्था भी लागू की गई है. इसके तहत शक्कर के सभी डीलरों, ट्रेडरों, थोक विक्रेताओं और मिलरों के लिए सरकार के स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा.
सभी संबंधित कारोबारियों को हर शुक्रवार को अपने अद्यतन स्टॉक की जानकारी इस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिसका मिलान खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा भौतिक स्टॉक से किया जाएगा. बिलासपुर जिले में वर्तमान में पंजीकृत सभी 15 स्टॉकिस्टों पर इस व्यवस्था के तहत कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि अवैध भंडारण की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त की जा सके.
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