कोलकाता । डेस्क: तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के मूल नाम और ...
कोलकाता । डेस्क: तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के मूल नाम और 'जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने के फैसले का विरोध किया है. शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने इस फैसले को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक "काला दिवस" करार दिया.
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है और यह पूरी तरह से असंवैधानिक, अवैध और राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम है. मई में हुए विधानसभा चुनावों के बाद पिछले 136 दिनों में यह उनकी पहली औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस थी, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए.
चुनाव आयोग ने आगामी उप-चुनावों को ध्यान में रखते हुए अंतरिम व्यवस्था के तौर पर ममता बनर्जी के गुट को "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" नाम और "फुटबॉल खिलाड़ी" चुनाव चिह्न आवंटित किया है. दूसरी ओर, पार्टी के बागी गुट, जिसका नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं, को "डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस" नाम और "लिफाफा" चुनाव चिह्न दिया गया है.
आयोग के इस कदम पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि तीन दशक पुरानी पार्टी के नाम और चिह्न को छीनना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी और इस फैसले को कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों तरीकों से चुनौती देंगी.
संवाददाता सम्मेलन के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि देश में विपक्षी नेताओं और पार्टियों को दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के 14 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जो एक तरह का रिकॉर्ड है.
पार्टी छोड़कर बागी गुट में शामिल होने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों को तृणमूल कांग्रेस से सच्चा प्यार होता, वे इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करते. ऐसे नेताओं ने अपने निजी स्वार्थ, भ्रष्टाचार और मामलों से बचने के लिए पार्टी का साथ छोड़ा है.
नंदीग्राम, रेजीनगर और असम के नौगांव में होने वाले आगामी उप-चुनावों के संदर्भ में ममता बनर्जी ने कांग्रेस के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी बातचीत हुई है और विपक्ष मिलकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ यह लड़ाई लड़ेगा.
ममता ने जोर देकर कहा कि वे किसी भी दबाव के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेंगी और देश भर में जाकर सत्तारूढ़ दल की नीतियों और कार्यप्रणाली का पर्दाफाश करेंगी. उन्होंने दावा किया कि देश में बदलाव की लहर चल रही है और जनता जल्द ही इसका जवाब देगी.
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा
चुनाव आयोग के इस अंतरिम आदेश के खिलाफ ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर दी है. याचिका में चुनाव आयोग के फैसले को पूरी तरह से अवैध और असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई है. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने पुष्टि की कि आयोग के आदेश को विभिन्न विधिक आधारों पर चुनौती दी गई है. सुप्रीम कोर्ट में इस महत्वपूर्ण मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है.
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