बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के हालिया बिलासपुर दौरे ने राज्य के सियासी पारे को चढ़ा दिया ह...
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के हालिया बिलासपुर दौरे ने राज्य के सियासी पारे को चढ़ा दिया है. राज्य सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए महंत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच बिल्कुल भी तालमेल नहीं है; मुख्यमंत्री को यह तक मालूम नहीं रहता कि उनके मंत्री क्या कर रहे हैं और मंत्रियों को मुख्यमंत्री के कामकाज का कोई अंदाजा नहीं है.
कांग्रेस में किसी भी तरह की गुटबाजी अथवा टूट-फूट की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने दावा किया कि पूरी पार्टी मजबूती से एकजुट है, जबकि असल बिखराव और अंदरूनी खींचतान तो भारतीय जनता पार्टी के भीतर देखने को मिल रही है.
उन्होंने कहा कि नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद आम उपभोक्ताओं को चार से पांच गुना अधिक बिल चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे हर वर्ग त्रस्त है. इतना ही नहीं, उन्होंने उन उपभोक्ताओं पर भी सवाल उठाए जिन्हें स्मार्ट मीटर न लगवाने पर शासन-प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं. महंत ने इसे सरासर अनुचित करार दिया और साथ ही राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर भी सत्तापक्ष को घेरा.
विपक्ष के वरिष्ठ नेता ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा, संकल्प और अभियान’ जैसे कार्यक्रमों पर तंज कसते हुए कहा कि आज सरकार की नीयत और निष्ठा पर ही बड़े सवाल खड़े हो चुके हैं.
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