सुकमा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग स्थित सुकमा जिले में कांग्रेस ने नक्सल मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई क...
सुकमा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग स्थित सुकमा जिले में कांग्रेस ने नक्सल मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है. पार्टी का कहना है कि जिन आदिवासियों के खिलाफ गंभीर आरोप साबित नहीं हुए हैं, उनके मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए और उन्हें अविलंब न्याय मिलना चाहिए.
यह अभियान कोण्टा ब्लॉक की मिलामपल्ली ग्राम पंचायत के तिम्मापुरम गांव से सुकमा जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी लखमा के नेतृत्व में शुरू हुआ. कांग्रेस की योजना इस अभियान को जिले के हर गांव तक ले जाने और एकत्रित हस्ताक्षरों को राज्य को सौंपने की है.
अभियान के शुभारंभ पर आयोजित कार्यक्रम में कई बंदी आदिवासियों के परिजन भी शामिल हुए, जिन्होंने अपने परिजनों के वर्षों से जेल में बंद होने के कारण आजीविका और सामाजिक स्तर पर भारी कठिनाइयों का सामना करने की बात कही. सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष बेको हुंगा ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि निर्दोष आदिवासियों के मामलों की त्वरित जांच कर उन्हें रिहा किया जाए.
बस्तर में बदलते सुरक्षा परिदृश्य का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में नक्सली प्रभाव कम हो रहा है, तो बेकसूर आदिवासियों को सलाखों के पीछे क्यों रखा जा रहा है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि वह इस मुद्दे को 'सड़क से लेकर विधानसभा तक' उठाएगी और निर्दोष आदिवासियों की पैरवी के लिए एक निष्पक्ष समीक्षा तंत्र बनाने की मांग करेगी.
.jpg)
No comments