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छत्तीसगढ़: मतदाता सूची के सत्यापन के लिए फिर घर-घर पहुंचेंगे BLO

  \ रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में निर्वाचक नामावली की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रशासनिक प्रयास तेज हो गए हैं. राज्य निर...

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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में निर्वाचक नामावली की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रशासनिक प्रयास तेज हो गए हैं. राज्य निर्वाचन तंत्र ने मतदाता सूची से छूटे और अनसुलझे मामलों के समाधान के लिए एक व्यापक डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान चलाने का फैसला लिया है. इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मैदान में उतरकर उन सभी मतदाताओं की वास्तविक भौतिक स्थिति की पड़ताल करेंगे, जिनका सत्यापन पूर्व चरण में पूरा नहीं हो सका था.


इस विशेष अभियान का प्राथमिक लक्ष्य यह तय करना है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे. नए निर्देश के अनुसार बीएलओ पूर्व में तैयार मतदाता सूची और एसआईआर के बाद अद्यतन की गई सूची का आपस में मिलान करेंगे. 


तुलनात्मक जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि अनुपस्थित या स्थानांतरित पाए गए नागरिक वास्तव में अपने दर्ज पते पर रह रहे हैं या नहीं. इससे एक ओर जहां सभी वैध मतदाताओं के नाम सूची में सुरक्षित रहेंगे, वहीं दूसरी ओर फर्जी, दोहरे और अपात्र नामों की सटीक पहचान कर उन्हें प्रक्रिया के तहत बाहर निकाला जा सकेगा.


दरअसल, इससे पहले चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्रदेश भर में करीब 19.13 लाख ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए थे, जो सत्यापन के वक्त अपने निवास पर मौजूद नहीं मिले या जिनके स्थान परिवर्तन की संभावना जताई गई थी. 


इसके अलावा, प्रारंभिक पड़ताल के दौरान लगभग 24.99 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, जिनमें 6 लाख से अधिक नाम मृत व्यक्तियों के थे और शेष नाम लंबे समय से अनुपस्थित अथवा अन्य स्थानों पर बस चुके नागरिकों के थे. 


अब इस नए चरण में दोबारा मौके पर पहुंचकर हर एक मामले का सही आकलन दर्ज किया जाएगा, जिससे राज्य की मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित और अद्यतन बन सके.

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