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रतन लाल डांगी केस: जांच अधिकारी बदलने की तैयारी, दीपांशु काबरा को कमान

  रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के निलंबित आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी से जुड़े बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. ...

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रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के निलंबित आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी से जुड़े बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. पीड़िता की याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस महकमे ने विभागीय जांच दल को बदलने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया है. पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी तथा आईपीएस प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी (प्रेजेंटिंग ऑफिसर) नियुक्त करने की सिफारिश की गई है. 


इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब आगे की पूरी प्रशासनिक जांच और कार्रवाई हाईकोर्ट की निगरानी में ही संपन्न होगी, जिसकी अगली सुनवाई आगामी सप्ताह तय की गई है.

दरअसल, यह मामला तब तूल पकड़ा जब पुलिस विभाग में कार्यरत एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) की पत्नी ने आईपीएस डांगी पर पिछले सात वर्षों से शारीरिक और मानसिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया.


पीड़िता द्वारा अक्टूबर 2025 में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद राज्य के गृह विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए आईपीएस डांगी को पद से हटाकर निलंबित कर दिया था, हालांकि अधिकारी ने खुद पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. 


निष्पक्ष न्याय की आस में पीड़िता ने हाईकोर्ट की शरण ली और आरोप लगाया कि तत्कालीन जांच समिति द्वारा उसकी बात को ठीक से नहीं सुना गया तथा आरोपी अधिकारी को बचाने के प्रयास किए गए.


पीड़िता के वकील अभिषेक पांडेय के अनुसार, पूर्व में गठित जांच दल में शामिल अधिकारी या तो आरोपी के समकक्ष रैंक के थे या उनसे कनिष्ठ, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे थे. इसी वजह से पीड़िता ने किसी वरिष्ठ महिला प्रशासनिक अधिकारी से जांच कराने की मांग रखी थी.


हाईकोर्ट द्वारा प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश के बाद अब डीजीपी कार्यालय ने जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव गृह सचिव को भेजा है. सक्षम स्तर से अंतिम मंजूरी मिलते ही नए अधिकारी के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ेगी, जिसे पूर्वाग्रह के आरोपों के बीच विभाग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सुधारात्मक कदम माना जा रहा है.

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