सरकार ने 20,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली आठ रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मा...
सरकार ने 20,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली आठ रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर लाइन क्षमता बढ़ाना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और भीड़भाड़ कम करना है।
मंत्रिमंडल बैठक के बाद कल सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 10 हजार 783 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को कवर करेंगी। इसके साथ ही मौजूदा रेलवे नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर विस्तार होगा। इनमें खड़गपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। इन्हें 2029-30 तक पूरा किया जाएगा।
लगभग एक हजार 21 करोड़ रुपये की लागत वाली अन्य पांच परियोजनाएं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों को कवर करेंगी। इससे नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर का विस्तार होगा। इनमें अरक्कोनम-रेनिगुंटा तीसरी और चौथी लाइनें, व्हाइटफील्ड-बंगारापेट तीसरी और चौथी लाइनें और होसुर-ओमालूर लाइन का दोहरीकरण शामिल हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 52 लाख की आबादी वाले लगभग 2100 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
श्री वैष्णव ने यह भी बताया कि सरकार ने लगभग 11 हजार किलोमीटर लंबे सभी सात उच्च घनत्व वाले रेलवे कॉरिडोर को चौगुना करने का निर्णय लिया है। इनमें दिल्ली-हावड़ा, मुंबई-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-गुवाहाटी, दिल्ली-चेन्नई, हावड़ा-चेन्नई और मुंबई-चेन्नई शामिल हैं। दो हजार किलोमीटर के तहत आने वाला चौगुनी लाइन निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बारे में श्री वैष्णव ने कहा कि सेवा अगले साल शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य प्रगति पर है और सूरत से वापी तक प्रारंभिक 100 किलोमीटर का खंड जल्द ही खोल दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं पर मंत्रिमंडल के फैसले से यात्रियों की आवाजाही तेज होगी, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से दक्षिण भारत में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा और कनेक्टिविटी में सुधार होगा। श्री मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं से विरासत और वन्यजीव पर्यटन को विशेष बढ़ावा मिलेगा और साथ ही लॉजिस्टिक लागत कम करने में मदद मिलेगी।
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